माला सिन्हा

19 सितंबर, 1958 - 10 जून, 2025

सद्भावना, कविता और स्नेह से भरा एक जीवन

Mala Sinha

माला सिन्हा का जीवन सद्भावना, स्नेह, प्रकृति प्रेम और रचनात्मकता से भरा सादा सरल जीवन था। उन्होंने अपने संपर्क में आने वाले हर इंसान के जीवन में खुशियां और प्रेरणा बिखरने की कोशिश की । उनका पूरा जीवन कला, सुंदर कविताऐं, स्वादिष्ट पकवानों, प्रकृति प्रेम और परिवार व दोस्तों के साथ बिताए गए अनगिनत अनमोल पलों से सराबोर रहा। अपनी हिंदी कविता के माध्यम से उन्होंने गहरे जज्बातों और जीवन के अनुभव को बयां किया । उन्‍हें विभिन्न प्रकार के पकवान बनाने का शौक था। उनका बनाया व्यंजन सिर्फ भोजन नहीं था, बल्कि लोगों को आपस में जोड़ने का एक जरिया था। यह उस स्नेह और अपनेपन से साफ झलकता था जिससे वह अपनों और अजनबियों, सभी के लिए बेहद चाव से स्वादिष्ट पकवान बनाया करती थी। प्रकृति प्रेम उनके व्यक्तित्व का एक अहम हिस्सा था। देश-विदेश घूमना और उन विशेष पलों को पूरे जज़्बात के साथ जीना उनका स्वभाव था ।उनका जीवन प्रेम, कविता ,स्नेह और सद्भावना से भरा था। उन्होने न सिर्फ अपने आसपास के लोगों को प्रभावित किया बल्कि उनके लिए कुछ अच्छा करने का उनका जज़्बा भी हमेशा बना रहा, तब भी जब शारीरिक रूप से कमजोर पड़ जाने के कारण बहुत कुछ करने की स्थिति में वह नहीं रहीं थीं।

यह वेबसाइट उनके इसी खूबसूरत जीवन का एक उत्सव है - उनकी रचनात्मक कृतियों और यादों को सहेज कर रखने का एक जरिया, ताकि आने वाली पीढ़ी इस अल्प मगर सार्थक जीवन-यात्रा से प्रेरणा ले सके । इस वेबसाइट के सात खंड हैं जो उनके जीवन, व्यक्तित्व, रचनात्मकता और संबंधों की गरमाहट से हमें परिचित कराते हैं । ।
कविताएँ खंड में उनकी संवेदनाओं का स्वर है, यात्रावृत्त में उनकी तीन विदेश यात्राओं का वर्णन है। झरोखे से में कुछ चुनिंदा व्यक्तित्वों पर उनकी टिप्पणी और लेख है । यादों की दस्तक उनके जीवन संस्मरण का संकलन है। अपनों के कलम से में परिवार और मित्रों के भावपूर्ण शब्द हैं। व्यंजन खंड में उनके स्नेह से भरे स्वाद हैं और जीवन यात्रा खंड में तस्वीरों के माध्यम से उनके जीवन-यात्रा की झलकियाँ हैं।

आइए ,अब हम उनकी खूबसूरत दुनिया को करीब से देखें - इन सात खंडों में।